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वीडियो देख रुक जाएंगी सांसें! सातवीं मंजिल पर जो हुआ, उसे देखकर लोग बोले- ये असली हीरो है

 


सूरत से सामने आई दिल दहला देने वाली घटना

सोशल मीडिया पर आए दिन कई तरह के स्टंट और हैरतअंगेज वीडियो देखने को मिलते हैं। लेकिन गुजरात के सूरत शहर से सामने आया एक वीडियो किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां कोई अभिनेता नहीं था, बल्कि खाकी वर्दी पहने एक पुलिस जवान था, जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर एक व्यक्ति को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।

यह घटना सूरत के लसकाना इलाके की बताई जा रही है, जहां एक व्यक्ति ने मानसिक तनाव के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया और खुद को फ्लैट के अंदर बंद कर लिया। परिवार की चीख-पुकार और समय के खिलाफ चल रही इस जंग में पुलिस की सूझबूझ और बहादुरी ने आखिरकार एक जिंदगी बचा ली।

रोती हुई पत्नी का फोन और शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार घटना उस समय शुरू हुई जब पुलिस कंट्रोल रूम में एक महिला का घबराया हुआ फोन आया। महिला रोते हुए पुलिस को बता रही थी कि उसके पति ने मानसिक तनाव में कोई जहरीली वस्तु खा ली है।

महिला ने यह भी बताया कि उसके पति ने खुद को फ्लैट के अंदर बंद कर लिया है और दरवाजा नहीं खोल रहा है। उसकी आवाज में डर और बेबसी साफ सुनाई दे रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम ने तुरंत लसकाना पुलिस स्टेशन की डायल-112 पीसीआर टीम को मौके पर रवाना कर दिया।

सातवीं मंजिल पर बंद था फ्लैट

जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची तो सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी थी। संबंधित फ्लैट सातवीं मंजिल पर स्थित था और अंदर से पूरी तरह बंद था।

पुलिस को पता चला कि अंदर मौजूद व्यक्ति हीरा तराशने के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है और पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था। जहरीला पदार्थ खाने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी।

हर बीतता सेकंड उसकी जिंदगी के लिए खतरा बन रहा था। ऐसे में पुलिस के पास दरवाजा तोड़ने या अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं का इंतजार करने का समय नहीं था।

जब कांस्टेबल ने लिया जिंदगी बदल देने वाला फैसला

मौके पर मौजूद कांस्टेबल शैलेश चुडासमा और उनके साथी ड्राइवर कृपालसिंह गोहिल ने स्थिति का तेजी से आकलन किया।

कांस्टेबल शैलेश ने पड़ोस के फ्लैट का दरवाजा खटखटाया और वहां रहने वाले लोगों की मदद ली। वह पड़ोसी फ्लैट की बालकनी तक पहुंचे और वहां से बंद फ्लैट का निरीक्षण किया।

उन्होंने देखा कि दोनों फ्लैट्स की बाहरी ग्रिलों के बीच बहुत कम दूरी थी। हालांकि यह दूरी जमीन से सैकड़ों फीट ऊपर थी और जरा सी चूक किसी भी व्यक्ति की जान ले सकती थी।

लेकिन उस समय शैलेश के सामने केवल एक ही लक्ष्य था—अंदर फंसे व्यक्ति की जान बचाना।

हवा में झूलते हुए पहुंच गए खिड़की तक

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कांस्टेबल शैलेश ने बिना किसी सुरक्षा रस्सी, हेलमेट या विशेष उपकरण के ग्रिल को पकड़ लिया।

इसके बाद वह सातवीं मंजिल की ऊंचाई पर हवा में लटकते हुए धीरे-धीरे बगल वाले फ्लैट की खिड़की तक पहुंच गए।

नीचे सैकड़ों फीट गहराई थी। आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गई थीं। कोई भी छोटी सी गलती बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी।

लेकिन शैलेश चुडासमा ने अद्भुत साहस और संतुलन का परिचय देते हुए खिड़की तक पहुंचने में सफलता हासिल कर ली।

अंदर का दृश्य देखकर रह गए दंग

खिड़की के रास्ते फ्लैट के भीतर प्रवेश करते ही कांस्टेबल शैलेश ने देखा कि व्यक्ति की हालत गंभीर हो चुकी थी।

वह जहरीला पदार्थ खा चुका था और लगातार उल्टियां कर रहा था। कमरे में कुछ और संदिग्ध पदार्थ भी मौजूद थे।

पुलिस जवान ने तुरंत उन वस्तुओं को अपने कब्जे में लिया और पीड़ित को संभालने का प्रयास शुरू कर दिया।

अगर कुछ मिनट और बीत जाते तो स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो सकती थी।

एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया

रेस्क्यू के बाद पुलिस टीम ने कोई जोखिम नहीं लिया। उन्होंने एम्बुलेंस के आने का इंतजार करने के बजाय तुरंत व्यक्ति को नीचे लाने का फैसला किया।

पुलिसकर्मियों ने उसे संभालकर नीचे पहुंचाया और अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल की ओर रवाना हो गए।

रास्ते में एम्बुलेंस मिलने पर मरीज को उसमें शिफ्ट किया गया और फिर उसे तेजी से अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों के अनुसार समय पर उपचार मिलने के कारण व्यक्ति की जान बच गई।

डॉक्टरों ने क्या कहा?

अस्पताल सूत्रों के अनुसार जहरीले पदार्थ का असर तेजी से फैल रहा था।

डॉक्टरों का कहना है कि यदि मरीज को अस्पताल पहुंचाने में दो मिनट की भी अतिरिक्त देरी हो जाती, तो उसकी जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता था।

समय पर पहुंचाई गई चिकित्सा सहायता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह कांस्टेबल शैलेश अपनी जान की परवाह किए बिना सातवीं मंजिल पर ग्रिल पकड़कर खिड़की तक पहुंचते हैं।

वीडियो देखने वाले लोग पुलिस जवान की बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे वास्तविक जीवन का सुपरहीरो बताया है।

गृह राज्य मंत्री ने भी की तारीफ

गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने भी इस रेस्क्यू वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया।

उन्होंने सूरत पुलिस की संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और साहस की खुलकर प्रशंसा की। मंत्री ने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने के लिए भी हर संभव प्रयास करती है।

मानसिक तनाव पर भी उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिप्रेशन और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय रहते परिवार, दोस्तों और विशेषज्ञों की मदद लेना बेहद जरूरी है।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना आज समाज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक माना जा रहा है।

सूरत की यह घटना केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं, बल्कि साहस, मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बन गई है। कांस्टेबल शैलेश चुडासमा ने यह साबित कर दिया कि जब किसी की जान बचाने की बात आती है, तो सच्चे पुलिसकर्मी अपनी जान की भी परवाह नहीं करते।

आज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो लाखों लोगों को प्रेरित कर रहा है। लोग कह रहे हैं कि उस दिन सातवीं मंजिल पर सिर्फ एक पुलिस जवान नहीं, बल्कि किसी के लिए उम्मीद और जिंदगी बनकर एक फरिश्ता पहुंचा था।

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